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Future of Jain Community (Article in Hindi)

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  • msanglikar
    If you can not see the font, please read the article at: http://jainvichaar.blogspot.com/2011/07/blog-post_7568.html जैन
    Message 1 of 1 , Jul 31 1:57 AM
      If you can not see the font, please read the article at:
      http://jainvichaar.blogspot.com/2011/07/blog-post_7568.html

      जैन समाज का एक भविष्य ऐसा भी

      -महावीर सांगलीकर

      जैन समाज में कई प्रकार बदलाव तेजी से आ रहे हैं. सब से बडा बदलाव यह हैं इस समाज में साक्षरता का प्रमाण अब तक के इतिहास में सब से जादा हो गया हैं. इस बारे में मेरा एक निरीक्षण यह हैं की छोटी-मोटी दुकान चलानेवाले दूकानदारों के, मिडल क्लास के और जैन किसानों के बच्चे पढ़- लिखकर डॉक्टर, वकील, इंजीनिअर, प्रोफेसर, सी.ए. आदी बन रहे हैं, कई लडके-लड़किया प्रशासकीय सेवाओं में जा रहे हैं, आय.पी.एस./आय.ए.एस. अफसर बन रहे हैं. पढ़े-लिखे कई बच्चे विदेशों में जाकर बस रहे है.

      यह एक बहुतही अच्छी बात है हमारी समाज के भविष्य के लिए. सबसे अच्छी बात यह है की समाज की 'बनिया' पहचान ख़त्म होने जा रही है. दूसरी बात यह है की इस बदलाव के कारण पूरा समाज पुराने विचारों से बाहर आ रहा है. अब आगे क्या होगा यह सोचने की बात है. इस बारे में मैंने कुछ अटकले लगाईं हैं. आइये, देखते हैं की आगे चलकर क्या-क्या होने जा रहा है:

      -जैन समाज की नयी पीढ़िया पंथवाद, कर्मकांड, अंधश्रद्धाएं जैसी बातों से दूर रहना पसंद करेगी. तथाकथित धार्मिक कार्यों से जादा सामाजिक कार्यों में उनकी दिलचस्पी रहेगी.

      -मूर्तिपूजा न करने वाले स्थानकवासी, तारण पंथी और श्वेतांबर तेरापंथी समाज मूर्तिपूजक दिगंबर/श्वेतांबर जैन समाज से हर क्षेत्र में आगे निकल जाएगा.(इस बारे में मैं अलग से एक लेख जल्द ही दे रहां हूं)

      -अलग-अलग पन्थो और जातियों के जैन युवकों में एकता की भावना बढ़ेगी.समाज में झगडा लगाने वाले नेता और मुनियों से युवा पीढी दूर रहेगी.

      -लड़कियां लड़कों से जादा शिक्षित होने के कारण कम पढ़े-लिखे लड़कों को शादी के लिए जैन समाज से लड़कियां मिलना मुश्किल हो जाएगा.

      -आनेवाले समय में आंतर्जातीय और आंतरधर्मीय शादियो का प्रमाण बढता जायेगा. इन्हें कोई भी रोक नही सकता. हमें इसे आपत्ती न मानकर मौक़ा मान लेना चाहिए और इस बदलते हालत का उपयोग अजें समाज में जैन धर्म के प्रचार के लिए करना चाहिए.

      - जैन युवतियां जीवन के हर क्षेत्र में युवंकों से आगे निकल जायेगी या कम से कम बराबरी की हिस्सेदार होगी.

      -खेलकूद, साहस, राजनीती, संगीत, कला, साहित्य, पत्रकारिता, विज्ञान,सामजिक कार्य आदि क्षेत्रों में जैन समाज का दबदबा बढेगा.

      खेद की बात यह है की हमारी समाज के नेता आज भी पुराने जमाने में जी रहे हैं और उनको आनेवाले कल की ज़रा सी भी भनक तक नहीं.

      http://jainvichaar.blogspot.com/
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