Loading ...
Sorry, an error occurred while loading the content.

18198Re: [Arkitect India] दिल्ली की आ धी पुलिस नेताओं की सुर क्षा में लगी है।

Expand Messages
  • Daniel Mazgaonkar
    Dec 27, 2013
    • 0 Attachment
      देखिये, आश्विनी सिंग जी,

      क्या यह नहीं हो सकेगा कि अरविंद केजरीवाल के साथ उनके ही कार्यकर्ता, कुछ चुने हुए रहे, जो उनके लिए सुरक्षा भी प्रदान करें और अन्य काम भी करें. मैंने देखा है कि विनोबाजी के पास उनमें निष्ठा रखनेवाले कार्यकर्ता ही इकठ्ठा हुए थे, भाई और बहनें भी थीं इस ग्रुप में जिन्होंने विनोबाजी का स्वास्थ्य भी संभाला और उन के निजी मंत्री का भी काम किया. हाँ, मैं जानता हूँ कि विनोबा और केजरीवाल जी की आज की हैसियत में फर्क तो है, लेकिन यदि केजरीवाल जी कुछ नया रितोरिवाज इस देश के बढे-चढे राजनीतिज्ञों के लिए एक सिखावन के तौरपर लागू करना चाहते हैं तो वह बहुत आवश्यक है कि कुछ जोखिम भी उसमें हैं जो उठाना पडेगा.

      मैं ने जयप्रकाश जी को भी नजदीग से देखा हैं, उन के अगल बगल में भी उनमें भक्ति, प्रेम, और निष्ठा रखनेवाले ही रहे, बहुत सक्षम सब होंगे यह दावा नहीं लेकिन इतना होने पर भी, उन्हों ने कितना काम किया देश का........

      और एक मुद्दा यह भी है कि आज करीब ५५-६० साल का जो मानस जनता का बना है, इस वी आय पी संस्कृति को देखते, तो वह कुछ दिनों में तो नहीं न बदलेगा. यदि केजरीवाल जी और उनके सरकार में गये सभी साथी अपनी निष्ठाओं पर अडिग रहेंगे, तो देश में एक बडी क्रांति होगी, और सारी राजनीति ही बदल जायेगी.

      मुझे पूरा विश्वास है.

      डॅनियल माजगांवकर,
      सर्वोदय कार्यकर्ता.


      2013/12/26 Ashwini Singh <ashwini.economics@...>
       

      दिल्ली की आधी पुलिस नेताओं की सुरक्षा में लगी है। दिल्ली में नागरिकों की असुरक्षा का एक कारण ये भी है। यदि 'आप' सुरक्षा नहीं लेते तो ये एक बड़ी राहत होगी। देश के राजस्व पर भी और देश के लोगों पर भी। यदि देश के सभी नेता ये कदम उठाए तो नेताओं की सुरक्षा के लिए समग्र समाज को सुरक्षित करना होगा।




      अश्विनी




      --

      व्यक्तिगत मन की गति जहाँ कुंठित होती है वह वैकुंठ
      -----------------
      र्म - जाति - पंथ - भाषा - पक्ष - प्रांत
      विषमता का अंत याने सर्वोदय.



    • Show all 2 messages in this topic