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सत के धणी हो मेरी रंग दों चुनरियाँ ||

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  • T C Mudgal
    सत के धणी हो मेरी रंग दोंचुनरियाँ || || टेक || आपधणी हो मेरी रंग
    Message 1 of 1 , Nov 3, 2012
      सत के धणी हो मेरी रंग दों चुनरियाँ || || टेक ||
      आप धणी हो मेरी रंग दों चुनरियाँ ||
      आप रंगों चाहे मोल मंगा दों |
      प्रेम नगरियाँ मै खुली है बजरियाँ || || 1 ||
      जब दोगे तब ले कै जांगी |
      चाहे बीत जाये सारी उमरियाँ || || 2 ||
      ऐसी रंगों मेरे दात्ता रंग नही छुट्ट |
      धोबी तो धोवै चाहे सारी उमरियाँ || || 3 ||
      कहैत कमाली कबीरा थारी बाली |
      अब चल देखूं मै सारी नगरियाँ || || 4 ||
      || राधास्वामी ||


       
      Thanks & Regards,
       
      T.C.Mudgal
      Rewari(Haryana)
      09466332527
       
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