(online link: http://tinyurl.com/rahulpoems)
आप जाने की ज़िद न करो
राहुल उपाध्याय
आप जाने की ज़िद न करो
यूँही डॉलर कमाते रहो
हाय, मर जाएंगे
हम तो लुट जाएंगे
ऐसी बातें किया न करो
खुद ही सोचो ज़रा, क्यों न
रोकेंगे हम?
जो भी जाता है रो-रो के आता है
फिर
आपको अपनी क़सम जान-ए-जां
बात इतनी मेरी मान लो
आप जाने की ...
कद्र करते हैं देश की बहुत हम
मगर
चंद डॉलर यही हैं जिनसे कुछ शान
है
इनको खोकर कहीं, जान-ए-जां
उम्र भर न तरसते रहो
आप जाने की ...
कितना कुछ पाया हमने आ के यहाँ
कार और घर की चाबी भी है हाथ में
कल भटकना क्यूँ दर-दर जान-ए-जां
बात मानो यहीं पे रहो
आप जाने की …
सिएटल | 425-898-9325
1 जुलाई 2009
(फ़ैयाज़ हाशमी से क्षमायाचना
सहित)
A picture may be worth a thousand words. But mere wordscan inspire millions
[Non-text portions of this message have been removed]