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RE: [Hindi-Forum] गुदड़ी à¤•à   Message List  
Reply Message #3110 of 6501 |
RE: [Hindi-Forum] आरक्षण

सभी सदस्यों को मेरा नमस्कार,
यहाँ इस समूह पर मैं आरक्षण के संबंध में अपने कुछ विचार रखना चाहूँगा। यदि किसी सदस्य को कोई टिप्पणी करनी हो तो स्वागत है।
सबसे पहले तो ये बात, कि ऊँची जात के लोगों ने नीची जात के लोगों का लंबे समय तक दमन किया था इसलिए अब उन्हें आरक्षण देकर ऊँची जात के लोगों का दमन करना कहाँ तक सही है ? आरक्षण के समर्थन में लोग यह भी कहते हैं कि ब्रहामण तथा अन्य ऊँची जात के लोग पहले से ही सभी उच्च स्तर की नौकरियों पर विराजमान हैं इसलिए अब उन्हें वहाँ से हटाना चाहिये। आज मैं इसी बात पर थोङी सी रोशनी डालना चाहूँगा।
दिल्ली में ५० सुलभ शौचालय हैं और सभी के सफाईकर्मी और कोई नहीं सिर्फ ब्राहमण हैं। ये वही लोग हैं जो आज से ८-१० साल पहले दिल्ली पैसा कमाने के लिये आए थे क्योंकि पङोसी राज्यों में दलित वर्गों की बहुलता के कारण इनहें सरकारी नौकरियाँ नहीं मिलती थीं।
उत्तर प्रदेश व बिहार में विधान सभा में केवल ५ प्रतिशत ही ब्राहमण हैं। ४ लाख कश्मीरी पण्डित, सन् १९८९ में अपने घरों से भगा दिये गये थे, और वो आज भी अपने ही देश में शरणार्थियों की तरह रहने को मजबूर हैं। चूँकि उनकी जनसंख्या लगातार कम हो रही है तथा वो किसी भी पार्टी का वोट बैंक नहीं बन सकते हैं इसलिये कोई उनकी ओर देखता तक नहीं है।
आन्ध्र प्रदेश में भी सभी पुरोहित गरीबी के रेखा के नीचे गुजर कर रहे हैं (Brahmins of India by J Radhakrishna, published by Chugh Publications)
ब्रहामण छात्रों की संख्या में भी बहुत कमी महसूस की गयी है। चूँकि आजकल पुरोहिती से काम नहीं चलता और उनके लिये कोई नौकरियाँ हैं नहीं इसलिए पैसे की कमी के चलते बहुत से ब्राहमण छात्र १२वीं के पहले ही स्कूल से बाहर चले जाते हैं। देश के दूसरे भागों में भी ब्राहमणो की स्थिति कोई अच्छी नहीं है। कर्नाटक के वित्त मंत्री के विधान सभा में बयान के अनुसार, विभिन्न जातियों की आय (per capita income) इस प्रकार हैः इसाई १५६२रू, वोक्कालिगा ९१४ रू, मुसलमान ७९४ रू, अनुसूचित जाति ६८० रू, जनजाति ५७७ रू तथा ब्राहमण ५३७ रू।
 
इस सबको देखकर मुझे तो लगता है कि इस देश में ब्राहमणों को आरक्षण की जरूरत है, नकि दूसरे लोगों को।
अमित
PS: Source http://in.rediff.com/news/2006/may/23franc.htm

Laxmi Gupta <lngsma@...> wrote:
रमण जी,
 
आपकी टिप्पणी का धन्यवाद। आप और अमित की बातों से अगली किश्त लिखने का प्रोत्साहन मिला है।
 


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Wed May 24, 2006 3:59 am

profamit
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Message #3110 of 6501 |
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रमण जी, आपकी टिप्पणी का धन्यवाद। आप और अमित की बातों से अगली...
Laxmi Gupta
lngsma Offline Send Email
May 23, 2006
10:41 pm

सभी सदस्यों को मेरा नमस्कार, यहाँ इस समूह पर मैं आरक्षण के...
Amit K Agarwal
profamit Offline Send Email
May 24, 2006
3:59 am
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